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पटना में अपराधियों के लिए डर का माहौल: पुलिस की लगातार कार्रवाई, जेपी गंगा पथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी गिरफ्तार

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पटना: बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। पिछले 9 महीनों में राज्यभर में 15 मुठभेड़ दर्ज की गई हैं, जिनमें कई कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया या पैर में गोली लगने के बाद काबू किया गया। इस अभियान ने अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है और स्पष्ट संदेश दिया है कि अब अपराधियों को खुली छूट नहीं मिलेगी। ताजा मामला पटना के जेपी गंगा पथ का है। पुलिस ने यहां जवाबी कार्रवाई में वांछित अपराधी अमित कुमार के पैर में गोली लगाकर उसे गिरफ्तार किया। अमित वैशाली के हाजीपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित चार मामले दर्ज हैं। 28 जनवरी को अमित अपने साथी पीयूष के साथ सिविल कोर्ट में पेशी पर आए कुख्यात सुबोध सिंह गैंग के आरोपी ‘तातिया’ को मारने आया था। उस दिन उसका साथी पकड़ा गया, लेकिन अमित फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश में वैशाली और पटना में लगातार दबिश दी। दो दिन पहले पुलिस को जानकारी मिली कि वह पटना में छिपा है। अमित की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी गई, और जैसे ही उसने इंस्टाग्राम अकाउंट खोला, लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम तुरंत जेपी गंगा पथ पर पहुंची। पुलिस को देख अमित ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पिछले 9 महीनों में हुई प्रमुख मुठभेड़ों का रिकॉर्ड भी साझा किया है। इसमें शामिल हैं: 11 जून 2025, बिहटा: पुलिस हिरासत से भाग रहे हत्यारोपित के पैर में गोली लगी; 13 जून, खुशरूपुर और दानापुर: आरोपितों ने फायरिंग की, जवाब में पैर में गोली; 25 जून, जेपी गंगा पथ: आठ मामलों में वांछित अपराधियों के पैर में गोली; 7 जुलाई, मालसलामी: विकास उर्फ राजा मुठभेड़ में ढेर; 6 अगस्त, फुलवारी क्षेत्र: पुलिस पर फायरिंग करने वाले कुख्यात अपराधी के पैर में गोली; 16 नवंबर, खुशरूपुर और अन्य मुठभेड़ें: आरोपी के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया; 1 मार्च, जेपी गंगा पथ: हाल ही में हुई मुठभेड़ में भी अमित कुमार के पैर में गोली। इन मामलों में ज्यादातर आरोपी गंभीर चोटिल हुए बिना नियंत्रित तरीके से गिरफ्तार किए गए। कुछ कुख्यात अपराधियों को ढेर भी किया गया, जिससे अपराधियों में भय का माहौल बनाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार कार्रवाई का मकसद साफ है: अपराधियों को यह समझाना कि कानून से खिलवाड़ करने वालों को अब कोई छूट नहीं मिलेगी। पटना और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता और सख्ती ने अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह कानूनी ढांचे के भीतर की जा रही है, और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। पुलिस की रणनीति में न केवल सक्रिय मुठभेड़ शामिल हैं, बल्कि सोशल मीडिया और लोकेशन ट्रेसिंग के जरिए अपराधियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अपराधी शहर में कहीं भी छिप न सकें और कानून का दायरा हमेशा उन पर लागू रहे। इस अभियान से यह भी साबित होता है कि बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। राजधानी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह नीति निरंतर जारी रहेगी।

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